शब्दों का सफर
Wednesday, September 3, 2025

दहलीज़ से देहली तक: ध्वनि, अर्थ और भ्रम की कथा

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शब्दकौतुक    व्युत्पत्ति, प्रतीक और परम्परा का संगम / देहली_3    घर की ओर  झाँकते कुछ शब्द " दहलीज़"  यह शब्द सुनते ही मन में एक ...
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Tuesday, September 2, 2025

प्रवेश से वापसी तक / 'देहली_2 : ड्योढ़ी

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जहाँ भीतर और बाहर मिलते हैं एक पारम्परिक संरचना के भाषिक , सामाजिक और सांस्कृतिक अर्थों की पड़ताल ड्योढ़ी का वास्तु में ढल जाना  口 ' ड्य...
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Thursday, August 28, 2025

क्षत्रप और छत्रपति: दो अलग सत्ताएँ

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शब्दकौतुक एक शब्द, कई रूप अक्सर हम एक जैसे लगने वाले शब्दों को एक ही परिवार का मान लेते हैं , खासकर जब उनका उच्चारण मिलता-जुलता हो। ' ...
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'देहली_1/ डेहरी : टीले का उभार या देहरी की छाया!

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नाम में छिपा  एक बसाहट का  वास्तुशास्त्र    शब्दकौतुक प्रवेशद्वार की जाँच-पड़ताल ◾ भाषा का संसार बड़ा ही रोचक है , जहाँ ध्वनि की समानता अ...
Saturday, August 23, 2025

चिटणीस का कच्चा-चिट्ठा

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शब्द कौतुक /  मुहावरे का खुलासा ' कच्चा चिट्ठा खोलना ' एक ऐसा ही सशक्त मुहावरा है , जिसका अर्थ है किसी व्यक्ति या मामले से जुड़े सभी...
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अजित वडनेरकर
भोपाल, मध्यप्रदेश, India
बीते 30 वर्षों से पत्रकारिता। प्रिंट व टीवी दोनों माध्यमों में कार्य।
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