Wednesday, April 21, 2010

बुर्जुआ वर्ग का बुर्ज

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बु र्जुआ वर्ग का जिक्र अक्सर जनवादी, समाजवादी, साम्यवादी बहसों के दौरान होता है। पूंजीवाद के संदर्भ में बुर्जुआ का अर्थ है उस मध्यवर्ग से है जिसका झुकाव पूंजी निर्माण की ओर होता है। जिसके जरिये पूंजीपतियों के हित साधे जाते हैं। भारोपीय मूल का बुर्जुआ शब्द पूरी तरह से हिन्दी का हो चुका है। अपने मूल रूप में यह फ्रैंच भाषा का है और इसका उच्चारण बूर्ज्वा bourgeois होता है। विविध संदर्भों में बूर्ज्वा शब्द का अर्थ अलग अलग है। मूलतः यह समूहवाची शब्द है। कभी यह साधारण मध्यवर्ग है तो कभी पूंजीपतियों का हितसाधक समुदाय। बूर्ज्वा वंचितों और अमीरों के बीच की कड़ी है जिसका मूल चरित्र सुविधाभोगी है और जो वंचितों के निशाने पर भी है। राजनीति और पूंजीवाद हमेशा बूर्ज्वा का पोषण करते हैं क्योंकि इन दोनों के हित साधनेवाला वर्ग है यह। साम्यवादी दर्शन पर फैशनेबल बहस के शौकीनों का एक धड़ा बूर्ज्वा का प्रयोग शोषित वंचित के रूप में करता नजर  आता है तो दूसरा धड़ा इसका इस्तेमाल सुविधाजीवी मध्यवर्ग के रूप में करता है। यह जानना दिलचस्प है कि इस बूर्ज्वा का रिश्ता मीनार के अर्थवाले हिन्दी फारसी के बुर्ज से है तो बस्ती, नगर के अर्थवाले अंग्रेजी के बर्ग से भी है।
बुर्ज का विस्तार और इसकी अर्थ-छाया भारोपीय परिवार की कई भाषाओं में देखने को मिलती है और इसके विभिन्न रूप कई शब्दों में साफ नजर आते हैं। प्रचलित अर्थ में बुर्ज का अर्थ होता है मीनार, टॉवर या गुंबद। बुर्ज की रिश्तेदारी संस्कृत धातु बृह् (brih) या बर्ह (barh) से है जिसमें ऊंचाई, वृद्धि, खुरचना, बड़ा करना जैसे भाव हैं।

12 ... हिन्दी-उर्दू में बुर्जुआ उच्चारण दरअसल बूर्ज्वा के उज्बेकी रूप से आ रहा है जहां इसे burjua कहा जाता है...

वैदिक संस्कृत में इसका एक रूप vrih भी है। वृद्धि इसी से निकला है। बृहस्पति शब्द इसी मूल का है जिसमें गुरुता और विशालता दोनों हैं। इसी क्रम में आती है प्राचीन भारोपीय धातु bhergh जिसका अर्थ है किला या ऊंचाई पर स्थित आश्रय। वैदिक संस्कृत में इसी अर्थ में बर्हयति शब्द है जिसमें वृद्धि, विशाल, ऊंचाई, बारिश जैसे भाव हैं। मोनियर विलियम्स के संस्कृत-इंग्लिश कोश में बर्हण् और बर्हिस्थ जैसे शब्द हैं जिनमें ऊंचाई, बुलंदी, पहाड़ जैसे भाव हैं। अवेस्ता में इसका रूप है बर्जन्त जो फारसी में बुर्ज हो गया। तुर्की में बर्ह (barh) का रूप बदल कर बोरा bora हो जाता है। अफगानिस्तान के प्रसिद्ध पहाड़ी क्षेत्र का नाम तोराबोरा torabora में यही झांक रहा है। कुल मिलाकर बर्ह् में व्याप्त ऊंचाई का भाव बुर्ज में मीनार के तौर पर स्थिर हुआ। बाद में बुर्ज नगरकोट और किलों की पहचान बन गए। यूरोपीय भाषाओं में इसके विभिन्न रूप नगर, किला या बस्ती के अर्थ में प्रचलित हैं।
पने मूल रूप में बूर्ज्वा शब्द बहुत सामान्य आधार से उठा है। जिस तरह नगर का निवासी नागरिक है वही भाव बूर्ज्वा में है। सुरक्षित आश्रय के लिए ऊंचाई का महत्व मनुष्य ने शुरु से ही जान लिया था। इसीलिए विकास के शुरुआती दौर में वह ऊंचे स्थानों पर रहता रहा। बाद में खुद के लिए ऊंची अट्टालिकाएं बनवाईं, ऊंची दीवारों वाले किले बनवाए। इसी कड़ी में आता है अरबी-फारसी का बुर्ज शब्द जो मूलतः इंडो-ईरानी भाषा परिवार का है।  बुर्ज से आ रहा है बूर्ज्वा जिसमें आश्रय का भाव है और जिसका रिश्ता कई बसाहटों से है। बुर्ज की रिश्तेदारी अंग्रेजी के बर्ग से है। इसका ही एक अन्य रूप बरो borough भी है। मटियाबुर्ज अगर एक इलाका है तो एडिनबरा एक नगरीय  बसाहट का नाम। संस्कृत में इसका रूप है बर्ह् barh जिसमें ऊंचाई का भाव है। इससे ही बना है संस्कृत का भर्ग work.26211जिसका रिश्ता भी ऊंचाई से है जो बर्ग और बुर्ज के मीनार या किला जैसे अर्थों को व्यक्त करता है। बूर्ज्वा शब्द बना है फ्रैंच के बूर्ज्वाज़ी bourgeoisie से जिसका अर्थ है शहरी मध्यवर्ग। यह बना है फ्रैंच के बोर्जी से जिसका अर्थ है मकान, बसाहट। इसका रिश्ता प्राचीन फ्रैंक के burg से है जिसका अर्थ है मकान, निवास, आवास आदि। कुल मिलाकर नगर से नागर यानी निवासी का भाव ही बर्ग से बने बूर्ज्वा में है। हिन्दी-उर्दू में बुर्जुआ उच्चारण दरअसल बूर्ज्वा के उज्बेकी रूप से आ रहा है जहां इसे burjua कहा जाता है।
यूरोपीय भाषाओं में बुर्ज की व्याप्ति जबर्दस्त है। जर्मन में इसका रूप बर्ग burg है और अंग्रेजी में Berg अर्थ वही है, घिरा हुआ स्थान, महल या किलेनुमा इमारत। बर्ग नाम वाले कई किले और कस्बे उन तमाम इलाकों में भरे पड़े हैं जहां जहां यूरोपीय पहुंचे जैसे स्ट्रॉसबर्ग, पिट्सबर्ग, ओल्डेनबर्ग। अंग्रेजी में इसका एक रूप borough (बरो या बरा) भी है जैसे एडिनबरा। स्कॉटिश में यह बर्घ है। ध्यान रहे बाद में बर्ग, बरो और बर्घ में आवासीय बस्ती का भाव समाहित हुआ। इसी कड़ी में आता है पुर्ग या पर्ग (purg) जो जर्मन और ग्रीक में अपेक्षाकृत कम प्रचलित शब्द है मगर इसमें भाव वहीं है। तुर्की के अनातोलिया प्रांत की भाषा है लीसियन जिसमें इसके प्रिज prije या प्रुवा pruwa जैसे रूप मिलते हैं।
र्मीनियाई भाषा में यह burgn है, इसका एक रूप बुरगाना भी है जिसका मतलब पहाड़ी किला होता है। संभव है ताजिकिस्तान के एक पहाड़ी राज्य फरगाना के पीछे भी यह भर्ग, बुर्ज या बर्ग हो। भारत में मुगल वंश का संस्थापक बाबर फरगाना से ही भारत आया था। भारोपीय bhergh से ही जन्मा है अंग्रेजी का फोर्ट fort शब्द जिसका अर्थ है किला, कोट या दुर्ग। फोर्ट आया है लैटिन के फोर्टिस से। गौर करें इन तमाम शब्दों में प वर्णक्रम की ध्वनियां आपस में बदल रही हैं। उत्तरी ईरान के एक पर्वत शिखर का नाम एल्बुर्ज है जो करीब साढ़े पाच हजार मीटर ऊंचा है। इसमें बुर्ज शब्द साफ पहचाना जा सकता है। नाक के लिए भी इसी मूल से उपजे शब्द हैं जैसे रूसी में बुरुन burun और पर्शियन में बुर्ज़ burz. नाक मैं ऊंचाई का भाव अंतर्निहित है और इसीलिए नाक ऊंची रखना एक मुहावरा भी है और इन्सानी सिफ़त भी। यूरोप में बर्ग उपनाम भी होता है। यह पदवी की तरह भी लगाया जाता है। जर्मन में इसका उच्चारण बोर्ग है।

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11 कमेंट्स:

दिनेशराय द्विवेदी said...

एक और शब्द का वैश्विक परिचय मिला। कुछ शब्द हैं जो वैश्विक पहचान पा गए हैं।

Udan Tashtari said...

बढ़िया जानकारी मिली इस शब्द विषयक. बहुत आभार.

Smart Indian said...

जैसे स्ट्रॉसबर्ग, पिट्सबर्ग, ओल्डेनबर्ग। अंग्रेजी में इसका एक रूप borough (बरो या बरा) भी है जैसे एडिनबरा।
एडिनबरा की वर्तनी borough से नहीं बल्कि burgh से समाप्त होती है. इसी तरह Pitsburgh का नामकरण करने वालों ने विलिअम पिट के नाम पर इस नगर का नाम पिट्सबरा (एडिनबरा जैसा ध्वनित) ही रखा था परन्तु थोड़े ही समय में वह पिट्सबर्ग बन गया.

Mansoor ali Hashmi said...

# तब* 'बुर्जुआ' सुनते सुनते कान पाक जाते थे अब,
ज़िक्र से इनके टपकती 'नाक'** है .
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# बुर्ज में बस्ती, किला है और मीनारे भी है,
हिंद और यूरोप -ओ- इरां की भी इसमें ख़ाक है.
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*तब=जब कम्युनिज्म का बोल बाला था.
** अपनी सुविधानुसार अर्थ लगाले .

अजित वडनेरकर said...

@Smart Indian
शुक्रिया भाई, इस जानकारी के लिए। एडिनबरा और पिट्सबर्ग का यह वैचित्र्य भी खूब है। मझे सिर्फ एडिनबरा की ध्वनि ही याद रही:)

सुशीला पुरी said...

आभार !!!!!!!जानकारी के लिए ॰

Unknown said...

बुर्ज, बृह और भृग, फिर बर्ग और बोरो । कहां से कहां तक शब्द चले जाते हैं और बदल लेते हैं रूप । भृगु का अर्थ भी शायद ऊँचाई और विशालता से संबंध रखने वाला होगा । बुर्ज से ही मराठी में बना है बुरुज । परगणा और फरगाना का भी कोई रिश्ता है क्या ?

Farid Khan said...

इतने विस्तार से जानकारी देने के लिए आभार !!!

Unknown said...

भाषा-सागर में आपकी नैया पर सवार होकर तय किया सफर जारी रहे...
धन्यवाद।

KIRTI KANIK said...

एक शब्द पर इतना लंबा किन्तु अच्छा और उपयोगी ब्लॉग लिखा जा सकता है सोचा नही था। धन्यवाद, मेरे लिए यह एक नया अनुभव था।

ANAND KUMAR PANDEY said...

२. ‘उपन्यास’novel को बुर्जुआ समाज का महाकाव्य किसने कहा है-
(क) रैल्फ फॉक्स
(ख) जार्ज आरवेल
(ग) रेनाल्ड
(घ) विक्टर ह्यूगो

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