Tuesday, July 17, 2012

बुनियाद के बिना

brick-base

हि न्दी में दो ‘बिना’ प्रचलित हैं । पहला ‘बिना’ वह है जिसके बिना हिन्दी में बातचीत पूरी हो ही नहीं सकती है । ‘बिना’ संस्कृत मूल का है और ‘विना’ से बना है । विना का अर्थ है से रहित, को छोड़कर, से हीन आदि । संस्कृत में विना का प्रयोग ‘रसगंगाधर’ के इस सुभाषित में देखिए- “पंकैर्विना सरो भाति सदः खलजनैर्विना । कटुवर्णैर्विना काव्यं मानसं विषयैर्विना ॥” अर्थात कीचड़ बिना सरोवर, दुष्ट बिना गोष्ठी, कटुवर्ण रहित कविता और विषय-वासना-मुक्त मन सर्वोत्तम है । तत्सम शब्दावली का ‘व’ देशज या लोकबोली में आकर ‘ब’ में बदलता है इसलिए संस्कृत का विना हिन्दी मे ‘बिना’ हो जाता है जैसे “बिना आवाज़ ऊँची किए कोई काम हो ही नहीं सकता” या “बिना विचारे काम नहीं करना चाहिए” । ‘बिना’ का एक रूप ‘बिन’ भी है जिसका इस्तेमाल अक्सर काव्यात्मक अभिव्यक्ति के लिए होता है जैसे “तुम बिन जीवन”, “तुझ बिन रैना”, “जल बिन मछली” आदि ।
हिन्दी का दूसरा ‘बिना’ अरबी से फ़ारसी होते हुए आया है । यह संस्कृत मूल के ‘बिना’ की बजाय कुछ कम प्रचलित है मगरइस ‘बिना’ के बिना भी हिन्दी का दिल नहीं लगता । यह दूसरा ‘बिना’ बना है सेमिटिक धातु बा-नून-या (b-n-y) से जिसमें निर्माण अथवा रचना का भाव शामिल है । इससे बनता है अरबी का ‘बना’ जिसमें भी यही भाव हैं । ‘बना’ का ही एक रूप होता है ‘बिना’ । इस ‘बिना’ का अर्थ होता है इमारत, निर्मिति, रचना या आधार । गौर करें कि किसी भी चीज़ का एक आधार होता है । आधार यानी नींव, बेस, धरातल, स्टैंड, धरातल, ज़मीन आदि । इसका प्रयोग देखें- “आप किस बिना पर इतना बड़ा आरोप लगा रहे हैं ?” अर्थात यहाँ पर आरोप का आधार पूछा जा रहा है ।
कोई भी स्ट्रक्चर, ढाँचा, इमारत या रचना का निर्माण किसी न किसी आधार पर ही होता है । इसे बुनियाद कहते हैं । बुनियाद का प्रयोग हिन्दी में आधार या नींव के अर्थ में होता है । शब्दकोशों में इसे फ़ारसी का बताया गया है । दरअसल हिन्दी का ‘बुनियाद’ मूल फ़ारसी में ‘बुन्याद’ है, ठीक उसी तरह जैसे दुनिया का तुर्की रूप ‘दुन्या’ है । स्टैंगास के इंग्लिश फ़ारसी कोश में आधार के अलावा इसका अर्थ संरचना, दीवार, बनावट भी है । उधर अरबी में इससे ‘बिना’ की कतार में खड़ा है ‘बुनिया’ जिसका निर्माण भी सेमिटिक धातु बा-नून-या (b-n-y) से हुआ है । इसका फ़ारसी रूप ‘बोन्ये’ और तुर्की रूप ‘बून्ये’ होता है । बुनिया का अर्थ भी वही है जो अरबी ‘बिना’ या फ़ारसी ‘बुनियाद’ का होता है ।
जॉन प्लैट्स के कोश में बुन्याद ( बुनियाद ) का रिश्ता फ़ारसी के बुन से बताया गया है जिसका पूर्वरूप अवेस्ता का बुना है । अवेस्ताई बुना का रिश्ता प्लैट्स वैदिक ‘बुध्न’ से है । मोनियर विलियम्स के मुताबिक इसका अर्थ है bottom , ground , base , depth अथवा किसी भी ढाँचे या संरचना का सबसे निचला हिस्सा । फ़ारसी ‘बून’ की रिश्तेदारी बुध्न से सम्भव है मगर प्लैट्स बुनियाद का मूल बून नहीं बताते बल्कि बनियाद वाली प्रविष्टि में “देखें बुन” लिखते हैं और ‘बुन’ वाली प्रविष्टि में ‘बुनियाद’ को ‘बुन’ के समतुल्य बताते हैं । कुल मिलाकर अवेस्ताई ‘बुना’, फ़ारसी ‘बून’ और अरबी ‘बिनिया’ अथवा ‘बुनिया’ समतुल्य हैं मगर फ़ारसी बुनियाद का विकास अरबी ‘बुनिया’ से होना तार्किक लगता है । एन्ड्रास रज्की के कोश के अनुसार अरबी बुनिये का फ़ारसी रूप टबोन्ये है । गौरतलब है कि फ़ारसी में बुनियाद का रूप बुन्याद होता है जो बोन्ये के क़रीब है । अरबी में बिल्डर, निर्माता के लिए बन्ना शब्द है जबकि इसका फ़ारसी पर्याय बुन्यादगर है । भवन की नपाई करने वाले को बुन्यादसाज़ कहते हैं ।

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6 कमेंट्स:

Vinay Prajapati said...

bahut pasand aaya sir ji

सुज्ञ said...

बिना से बुनियाद तक अच्छी जानकारी।

रसगंगाधर के इस सुभाषित ने मन मोह लिया!!
आपकी आज्ञा 'बिना' लिए जा रहा हूँ। आभार

प्रवीण पाण्डेय said...

शब्दों के सफर का दूसरा भाग आज मिला, पहला और बुनियादी भाग बाद में आयेगा।

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

इस पोस्‍ट के बिना पर कह सकता हूं कि हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग आपकी पोस्‍ट के बिना अधूरी सी लगती... :)

आशा जोगळेकर said...

बिना आपकी पोस्ट के ब्लॉगिंग की बुन्याद कहाँ ?

suresh mishra said...

बुनाई और बिनना भी ध्यान में रखें.

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