Friday, May 21, 2010

अंतर्धान हुआ अंतर्यामी…

feelings पिछली कड़ी-अंदरखाने की बात और भितरघात

सं स्कृत का अंतर शब्द बड़ा करामाती है। इससे बने अंतर्धान और अंतर्यामी हिन्दी में खूब इस्तेमाल होते हैं। इन दोनों शब्दों में अंतर की महिमा झलक रही है। इन पर बात करने से पहले इस अंतर को कुछ और जान लें जिसका अर्थ मूलतः भीतरी या अंदरूनी है किन्तु फर्क, भेदभाव, दूरी, दर्म्यान, भिन्नता जैसे भाव भी इसमें हैं। अंतर को संस्कृत में अन्तर लिखा जाता है। यह बना है अंतर् से। यह मूलतः क्रियाओं के साथ उपसर्ग की तरह प्रयुक्त होता है जिसकी वजह से हिन्दी में कई शब्द बने हैं। इसमें कई भाव छुपे हैं जैसे …के बीच, …के मध्य, ..,के नीचे आदि जैसे अंतर्गत, अंतर्निहित, अन्तर्भूत आदि। किन्हीं शब्दरचनाओं में अंतर् में का लोप होकर विसर्ग का रूप लेता है जैसे अंतःकरण यानी हृदय, मन, अंतःपुर यानी रनिवास आदि। हिन्दी में अब अन्तर की बजाय अंतर शब्द ज्यादा चलन में है जिसमें भीतरी, निकट का, संबंद्ध जैसे भाव हैं। भेद, परिवर्तित, बदला हुआ, अन्य जैसे अर्थ भी इसमें निहित हैं।
किन्ही दो बिन्दुओं के मध्य की दूरी के लिए अंतराल शब्द का प्रयोग होता है। मध्यांतर शब्द का अर्थ होता है बीच की दूरी या बीच का समय। दूल्हा-दुल्हन के बीच वरमाला की रस्म होने से पूर्व जो परदा रखा जाता है उसे अंतर्पट कहते हैं। यहां …के बीच या अंतराल का भाव स्पष्ट है। वैसे अंतर्पट का एक अर्थ कच्छा या अंडरवियर भी होता है। इसमें भीतरी या आंतरिकता का भाव भी निहित है अर्थात वह वस्त्र जिसे भीतर धारण किया जाए। भूमि के उस नुकीले या तिकोने हिस्से को अंतरीप कहते हैं जिसका विस्तार समुद्र में दूर तक हो अर्थात जो सागर की सतह पर दूर तक उभरा रहता है। इसी कड़ी से जुड़ा शब्द है अंतर्धान जिसका प्रयोग हिन्दी में खूब होता है। हालांकि अक्सर हिन्दीवाले इसे अंतर्ध्यान लिखते हैं जो अशुद्ध है। यह बना है अंतर + धा + अङ से। संस्कृत के धा धातुमूल में रखने, धारण करने का भाव है। इस तरह अंतर्धान का अर्थ हुआ जिसे छुपाया गया हो, जो गुप्त हो, जिसे ढका गया हो। जाहिर है जो वस्तु अंतर में यानी अंदर रखी होगी उसका दिखना असंभव है। स्पष्ट है कि अंतर्धान का सर्वाधिक लोकप्रिय अर्थ गायब, लुप्त, गुप्त, अदृष्य, विलुप्त या विलीन हैं। किसी चमत्कार का खुलासा अक्सर अंतर्धान या प्रकट करने जैसी क्रियाओं से ही होता है। वाशि आप्टे के कोश के मुताबिक अंतर्धान शब्द में अपने आपको छुपाना, ओझल होना, मन में रखना जैसे भाव हैं। इसके अतिरिक्त अन्वीक्षण, जांच पड़ताल, पूछताछ जैसे भाव भी इसमें हैं। सांसारिक मामलों से लेकर आध्यात्मिक मामलों में अगर कुछ जानना-समझना हो तो खुद को मिटाना पड़ता है, स्व को भूलना पड़ता है। स्पष्ट है कि संसार को समझने के लिए आत्मलीन या colors_of_nature_ अंतर्धान होना जरूरी है। खुद की पहचान भूलकर अर्जित किए ज्ञान से ही मनुष्य की सच्ची पहचान होती है, वर्ना फ्रेम में बंद डिग्रियां ही हर पढ़े-लिखे का चेहरा होती हैं पर उस सूरत में सीरत कहा?
सी कड़ी का एक अन्य महत्वपूर्ण शब्द है अंतर्यामी जिसकी अंतर्धान की तरह ही मुहावरेदार अर्थवत्ता है। गुप्त बातों का ज्ञान रखने या सब कुछ जाननेवाले को अक्सर अंतर्यामी कहा जाता है। मूलतः इसका मतलब होता है आत्मा, सर्वशक्तिमान परमेश्वर अर्थात परमात्मा। अंतर्यामी शब्द बना है संस्कृत के अंतर्यामः से। संस्कृत में यामः का अर्थ होता है धैर्य, नियंत्रण, निरोध आदि। यामः बना है संस्कृत की यम् धातु से जिसका अर्थ है रोकना, दमन करना, नियंत्रण करना, बंद करना आदि। हालांकि यम् की अर्थवत्ता बहुत व्यापक है पर यहां हम निरोध, नियंत्रण जैसे भावों का संदर्भ लेते हुए अंतर्यामी शब्द को समझने की कोशिश कर रहे हैं। यामः से ही बने हैं यामि या यामीः अथवा यामी। अंतर + यामः से मिलकर बने अंतर्यामी शब्द का अर्थ हुआ दिल की बात जाननेवाला, भीतर की बात जाननेवाला। खुद पर नियंत्रण रखनेवाला वही हो सकता है जो खुद को बेहतर जानता हो। जिसने खुद को जान लिया, दुनिया को जान लिया। बड़े बड़े आत्मज्ञानियों की शिक्षाओं का सार यही है कि खुद को पहचानो। सो अंतर्यामी वह नहीं है जो बाहर की दुनिया का हाल जानता है बल्की वह है जो खुद को पहचानता है। जिसका खुद पर वश है। जो स्वनियंत्रित है। जाहिर है कि इंसान ऐसा बनना चाहता है, पर बन नहीं पाता। अभी तक ऐसी किसी भी शख्सियत के तौर पर सिर्फ ईश्वर को ही जानता है सो अंतर्यामी तो ईश्वर ही है।
क अन्य शब्द जो हिन्दी के सर्वाधिक प्रयुक्त शब्दों में है, इसी कतार में खड़ा है वह है अंतर्गत जो बना है अंतर+ गम् + क्त से और जिसका अर्थ है के बीच या मध्य में, शामिल अथवा समाया हुआ है। आमतौर पर संबंधवाचक की तरह भी इसका प्रयोग होता है जैसे भूगोल के अंतर्गत द्वीप, महाद्वीप आते हैं। योजनाओं, कार्यक्रमों के संदर्भ में अंतर्गत शब्द का प्रयोग खूब होता है और वहां इसमें के बीच, मध्य में या उसमें शामिल होने का भाव ही रहता है। अंतर से बने शब्दों की कतार काफी लम्बी है जैसे अंतर्विरोध (यहां निहित का भाव भी है और फासले का भी), अंतरात्मा, अंतरिम, अंतरा, अंतरंग, अंतर्वस्त्र, अंतर्बोध आदि। इस संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय और अंतर्देशीय शब्दों पर भी बात करना दिलचस्प होगा। मूलतः देश और राष्ट्र मे एक ही भाव है सो अंतराष्ट्रीय और अंतर्देशीय में एक जैसे ही भाव लगते हैं। अंतर्राष्ट्रीय में जहां विभिन्न देशों के बीच ( देशों का अंतराल स्पष्ट है ) संबंध का संकेत है वहीं अंतर्देशीय में इसके ठीक उलट देश के भीतर का भाव है।

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9 कमेंट्स:

दीपक 'मशाल' said...

अंतर्धान और अंतर्ध्यान में फर्क आपने स्पष्ट कर दिया सर, जिसको कई लोगों से पूछा था पर पता नहीं चल पाया था. अन्तर्यामी का भी सही अर्थ स्पष्ट हुआ.. एक और भाषा ज्ञानवर्धक लेख के लिए आपका पुनः नमन..

निर्मला कपिला said...

bahut acchaa lagaa ye safar। आज कल बहुत सा शब्द ग्यान छूट रहा है मगर मजबूरी है। शुभकामनायें।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

कल एक शोक सभा में अंतर्तम का बहुत उपयोग हुआ अंतर्मन शायद विस्मृत हो गया था।

बेचैन आत्मा said...

अंतर जाल में अंतर का मंतर बताने के लिए आभार.

प्रवीण पाण्डेय said...

जय हो अन्तर्यामी ।

Mansoor Ali said...

अफज़ल को फांसी होना है मध्यांतर के बाद,
नक्सल पे रोक लगना है, मध्यांतर के बाद,
महंगाई इसलिए है कि सस्ते नहीं है हम,
मध्यांतर ही होना है, मध्यांतर के बाद .

Kapil said...

अजीतजी, अंतर्राष्‍ट्रीय शब्‍द को लेकर दुविधा है। आजकल इसे अंतरराष्‍ट्रीय (म.गा.अंतरराष्‍ट्रीय विश्‍वविद्यालय, वर्धा) लिखा जाने लगा है। मुझे कुछ ऐसी अपुष्‍ट जानकारी मिली थी कि अंतर्राष्‍ट्रीय intranational के लिए और अंतरराष्‍ट्रीय international के लिए सही प्रयोग हैं। क्‍या ऐसा है?

अजित वडनेरकर said...

@KAPIL
अंतरराष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों रूप ही प्रचलित हैं। विभिन्न विभागों नें अपने नियम शैली कायम किए हैं। समांतर हिन्दी कोश के अनुसार तो अंतरदेशीय और अंतरराष्ट्रीय का अर्थ एक ही है जिसमें इंटरनेशनल का ही भाव है। हमने यहां अंतर्देशीय शब्द की चर्चा डाक विभाग की शब्दावली के तहत की है।

ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey said...

बड़े मौके पर दिखी यह पोस्ट! मैं तो दो घण्टे से पोस्टें पढ़ और टिप्पणी कर रहा था। अब अन्तराल लेता हूं!

नीचे दिया गया बक्सा प्रयोग करें हिन्दी में टाइप करने के लिए

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