Monday, December 26, 2011

…दम ले ले घड़ी भर-2

mws-breatheपिछली कड़ीःदम मारो दम और नाक में दम-1

म से कई मुहावरे जन्मे हैं और इनमें से कई फ़ारसी से आए हैं। दम में सुस्ताने का आशय भी है। दम लेना मुहावरे में यही बात व्यक्त हो रही है। सुस्ताना क्या है? यह भी श्वास प्रक्रिया का ही हिस्सा है। भागदौड़ और व्यस्तता से हट कर थोड़े समय के लिए चैन की साँस लेना ही दम लेना है। चैन की साँस लेना क्या है? फेंफड़ों के ज़रिए भरपूर हवा खींच कर जब हृदय में भेजी जाती है, तब हृदय इसमें से शुद्ध ऑक्सीजन खींच कर धमनियों के ज़रिए शरीर में भेजता है। चैन की साँस की यह जैविक व्याख्या है। दम लेने से फिर उत्साह आता है। सचिन देव बर्मन का गाना याद करें-“दम ले ले घड़ी भर, ये छैयाँ पाएगा कहाँ”। यहाँ दम सुस्ताने, चैन की साँस के अर्थ में है। लेकिन दम में क्षणभर, पलभर वाला भाव भी है। दम भर यानी क्षण भर। “ दम भर सुस्ता लूँ ” में एक साँस लेने जितने वक्त की मोहलत माँगी गई है। राजकपूर की फिल्म आवारा का गीत याद करें- “दम भर जो इधर मुँह फेरे...”यहाँ क्षण भर का ही आशय है। अचानक के अर्थ में हिन्दी में एकदम शब्द का खूब प्रयोग होता है। इस एकदम में कालांश का भाव है, तत्क्षणता की बात ही यहाँ प्रमुखता से उभरती है। दम यानी साँस इसलिए एकदम यानी एक साँस में। एक साँस और निश्वास में जितना वक्त लगता है, शीघ्रता का भाव है एकदम में। दम तोड़ना का अर्थ है मृत्यु होना। सांस टूटना इसका हिन्दी रूप है। हृदय का धड़कना बन्द होने से इसे जोड़ें। दम घोंटने से भी दम टूटता है और स्वाभाविक रूप से भी दम टूटता है।
कदम की तरह हरदम समास का भी हिन्दी में खूब प्रयोग होता। हरदम का प्रयोग हर वक्त की तरह होता है। हर दम में हर हर क्षण साथ जीने का भाव है। हरदम साथ रहना में हर वक्त साथ निभाने का आशय है। इसी तरह मित्र, संगी, बंधु को हमदम भी कहा जाता है। हमदम यानी साँस का संगी। जो हर पल साथ निभाए, वह है हमदम। साँस अगर रूकती है तो उसे साँस फूलना कहते हैं। अधिक श्रम करने पर भी ऐसा होता है और शारीरिक तन्त्र के विकार से भी ऐसा होता है। फ़ारसी में इसे दम फूलना कहते हैं और चलती हिन्दी में सांस की बीमारी। इसके लिए दमा शब्द आमतौर पर खूब प्रचलित है। धूम्रपान करनेवालों या धूल-गर्द के बीच रहने वालों को दमा की बीमारी होती है। कलन्दरों, फ़कीरों को यहाँ याद करें। लगातार गाँजा, चरस पीना उनकी खास पहचान रही है। “दमादम मस्त कलन्दर” वाली कव्वाली के दमादम में दम लगाना का आशय ही मूल है। यहाँ ध्यान रहे पकोर्नी धम की मूल भारोपीय धातु धेम dhem बताते हुए उसका रिश्ता फूँक, धुँआ और गर्द से विशेष तौर पर जोड़ते हैं। दमा के बारे में मशहूर है कि यह असाध्य रोग है इसलिए कहावत भी है कि “दमा तो दम के साथ ही जाता है”।
र्वाधिक चर्चित मुहावरा है नाक में दम करना। अर्थात बहुत तंग या परेशान करना। दरअसल इसमें छींकने की वजह से होने वाली परेशानी का अर्थविस्तार हुआ है। दम में निहित गर्द, धूल, दबाव, श्वास पर गौर करें। साँस की बीमारी, दमा, प्रदूषण या अन्य कारण से आने वाली छींकें श्वसन प्रणाली को बुरी तरह प्रभावित करती है। बेहद दबाव के साथ नाक से निश्वास निकलती है। कभी कभी यह क्रिया अनवरत जारी रहती है। यही है नाक में दमदम दिखाना, दमदार होना, दम भरना जैसे मुहावरों में शक्ति, सामर्थ्य उभर कर आ रहे हैं। दम दिखाना यानी ताक़त दिखाना। इसमें नकारात्मक और सकारात्मक दोनों भाव है। दम दिखाना शौर्य प्रदर्शन भी हो सकता है और किसी का दमन करना भी हो सकता है। दम भरना यानी हूँकारना। हूँकार में दर असल अनुकरणात्मक शब्द है जो फेंफड़ों में एक साथ हवा भरने के बाद की निश्वास से उत्पन्न ध्वनि है। एक साथ साँस तभी भरी जाती है जब बहुत ज्यादा मेहनत की जाए, अधिक वज़न उठाया जाए। प्रकारान्तर से इसमें बड़ी जिम्मेदारी लेने की घोषणा का आशय है। आजकल दम भरना, डींग हाँकना का पर्याय भी है। इसमें मूलतः दूसरे पक्ष से खुद को ताकतवर साबित करने की बात है।
फ़ायर ब्रिगेड के लिए दमकल शब्द का प्रयोग होता है। दरअसल दमकल में ब्रिगेड और फायर का कोई भाव नहीं है बल्कि फायर ब्रिगेड की मशीन को दमकल कहा जाता है। हिन्दी शब्द सागर में दमकल का अर्थ बताया गया है, ऐसा यन्त्र जिसमें बहुत सारे नल लगे हों और जिनमें अत्यधिक दबाव से पानी छोड़ा जाता हो। यहाँ दम का अर्थ दबाव से है। कल यानी मशीन। मिट्टी के चूल्हे की जगह बाद में पोर्टेबल लोहे का चूल्हा आने लगा था इसे दम चूल्हा कहते थे। बोलचाल में इसके लिए सिगड़ी शब्द ज्यादा प्रचलित है। ग़रीब बस्तियों में यह अब भी मिलता है। इसमें लोहे के एक सिलेंडरनुमा आकार में जाली पर कोयला रखा जाता है। सिलेंडर के नीचे बने छेद से लगातार हवा फूँकी जाती है जिससे सिगड़ी का कोयला सुलगने लगता था। दम की महिमा निराली और अनंत है। हिन्दी में शुद्धतावाद का दम भरने वालों को समझ लेना चाहिए कि न जाने कितने प्रवासी शब्द भाषा संसार में निवासी बन गए हैं और उनके दम पर ही हिन्दी की विविध अभिव्यक्तियाँ टिकी हुई हैं।

ये सफर आपको कैसा लगा ? पसंद आया हो तो यहां क्लिक करें

3 कमेंट्स:

विष्णु बैरागी said...

पूरी पोस्‍ट पढे बिना ही लिख रहा हूँ।

जी करता है, आपके पास बैठ जाए। आपसे बात न की जाए। बस! आपको, लोगों से बात करते सुना जाए।

चंदन कुमार मिश्र said...

हमारे इलाके में दमकल संभवतः खेतों में पटाने के लिए चलाये जाने वाले मशीन को भी कहते हैं। वैसे अर्थ तो वही है।

purushottam said...

जी करता है, आपके पास बैठ जाए। आपसे बात न की जाए। बस! आपको, लोगों से बात करते सुना जाए।
विष्णु वैरागी जी की बात शब्दश: दोहरा रहा हूं, हालाँकि आदत से मजबूर होने के कारण, पूरा पढ़ लेने के बाद ही :)

नीचे दिया गया बक्सा प्रयोग करें हिन्दी में टाइप करने के लिए

Post a Comment


Blog Widget by LinkWithin