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Monday, December 27, 2010
कॉमरेड का कमरा और कम्पनी
Sunday, December 26, 2010
सुयेनच्वांग की भारत-यात्रा
रविवारी पुस्तक चर्चा में इस बार शामिल किया है छठी सदी में चीन से भारत याए प्रसिदध बौद्ध श्रमण सुयेनच्वांग के यात्रावर्णन पर लिखी जगमोहन वर्मा की पुस्तक सुयेनच्वांग की भारतयात्रा को। इसे पिलग्रिम्स पब्लिशिंग हाऊस, बनारस ने प्रकाशित किया है। इसके पैपरबैक, पॉकेटबुक साईज के संस्करण का मूल्य 75 रु है और पृष्ठ संख्या 210 है । ...
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प्रस्तुतकर्ता
अजित वडनेरकर
8
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2:23 AM
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पुस्तक चर्चा
Friday, December 24, 2010
दरजन, दिसम्बर और बारहमासा
... पुराने ज़माने में बड़ी हवेलियों को बारहदरी कहा जाता था क्योंकि इनमें बारह दरवाज़े होते थे। इसका एक रूप बारादरी भी है। वर्णमाला के लिए सबसे प्रचलित शब्द है बारहखड़ी जो बना है द्वादश-अक्षरी से।...
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Saturday, December 18, 2010
“सफ़र” का विमोचन...खरीदें और पढ़ें
इस तरह बना है कवर…कारवाँ बने हैं शब्दों के सफ़र का जरिया
लेखक से परिचय करवाया डॉ सविता भार्गव ने
और लीजिए पुस्तक विमोचन हो गया...
...अब बारी है मंजूर साहब की...क्या बोले?
अपन भी बोल लेते हैं...
श्रोता झेल रहे हैं...
जैसे ही बात समझ में आई...
...और श्रीमती जी ने सिर पकड़ लिया...कहाँ फँस गए...
श्रोताओं मे संवाद जारी रखा...
अंत में मामा कमलकांत बुधकर ने खाकसार की पोल खोली...चलिए, जो हुआ, अच्छा हुआ...
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प्रस्तुतकर्ता
अजित वडनेरकर
52
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2:32 AM
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पुस्तक चर्चा,
ब्लागिंग,
भाषा,
हिन्दी
Wednesday, December 15, 2010
शिमला में हिम की खोज
ज़रूर पढ़े-1.धरती का दुर्ग बचाएं... 2.लीला, लयकारी और प्रलय….3.काश ! चलते पहाड़...
श ब्दों के बदलते प्रतिरूप आश्चर्यजनक तरीके से चौंकाते हैं। स्थाननामों की रचना में अक्सर वहाँ की भौगोलिक खूबियाँ महत्वपूर्ण होती हैं। पूर्वांचल के एक प्रांत का नाम मेघालय इसलिए है क्योंकि यहाँ अक्सर बादलों का डेरा रहता है। मेघ अर्थात बादल और आलय अर्थात घर। आलय यानी आश्रय। संस्कृत के लय का अर्थ है आराम करने की जगह जाहिर है दुनियाभर के आरामगाहों में घर को सबसे ऊँचा दर्ज़ा मिला हुआ है। इसी तर्ज़ पर हिमालय को देखें। हिम + आलय = हिमालय अर्थात वह स्थान जहाँ बर्फ़ का बसेरा हो। जहाँ हिम को आश्रय मिले वह है हिमालय। ठेठ पूर्वोत्तर का ही एक और प्रान्त है अरुणाचल प्रदेश। पूर्व दिशा सूर्योदय का प्रतीक है। अरुण का अर्थ होता है प्रातः की लालिमा, लाल रंग। अरुण सूर्य के सारथी का नाम भी है क्योंकि सूर्योदय से पहले उसकी लाल रश्मियों को थामने वाले अरुण के दर्शन होते हैं। यही नहीं, आप्टेकोश में सूर्य का एक पर्याय अरुण भी बताया गया है। संस्कृत में अचल का अर्थ होता है पर्वत। चल् धातु में गति का भाव है। निषेध या नकार की अर्थवत्त वाले अ उपसर्ग के लगने से अचल का अर्थ हुआ जो चलता न हो अर्थात जो स्थिर हो। इस तरह अचल में पर्वत या पहाड़ का भाव स्थिर होता है और अरुण + अचल = अरुणाचल का मतलब हुआ सूर्यपर्वत, सूर्योदय का प्रान्त अथवा वह स्थान जहाँ सबसे पहले सूर्य उगता है।
इसी कड़ी में आता है हिमाचल प्रदेश। अरुणाचल की तरह ही हिमाचल का अन्वय हुआ हिम + अचल = हिमाचल यानी वह प्रदेश जहाँ हमेशा बर्फ़ जमी रहती हो। यह आश्चर्य की बात है कि इस हिमप्रान्त की राजधानी शिमला के नाम के साथ बर्फ़ जैसा कोई शब्द चस्पा नहीं है। शिमला की व्युत्पत्ति श्यामला ( देवी ) से जोड़ी जाती है। श्यामला देवी दुर्गा का एक नाम-रूप है। भारत के ज्यादातर पर्वतीय शहरों की तरह ही शिमला का विकास भी अंग्रेजी राज में हुआ, मगर उनके आने से पहले भी यहाँ बस्ती हुआ करती थी जिसका नाम शिमला था। अठारहवीं सदी के दूसरे दशक में सतलुज घाटी के विस्तृत सर्वेक्षण कार्य के दौरान स्कॉटिश सर्वे दल ने पहाड़ियों से घिरे शिमला ग्राम को खोजा था। आमतौर पर शिमला का नाम श्यामलादेवी से जोड़ा जाता है जिनका प्राचीन मंदिर यहाँ है। 1822 में स्कॉटिश सिविल अफ़सर चार्ल्स केनेडी ने यहाँ अंग्रेज अधिकारियों के लिए पहली आरामगाह बनवाई थी।
संस्कृत के श्याम शब्द का अर्थ काला, धूसर, गहरा भूरा या नीला होता है। श्याम यानी बादल भी और श्याम यानी शिव भी। श्याम से ही बना है श्यामा अर्थात काली रात, काली नदी, काली गाय, तुलसी का पौधा, मादा कोयल आदि। हिन्दी का साँवला शब्द भी इसी कड़ी का है और श्यामल > शामल > साँवल > के क्रम में साँवला हुआ। इसका स्त्री रूप साँवली होता है। श्यामल का स्त्री रूप श्यामला बनेगा। दुर्गा पर्वतवासिनी हैं और इसीलिए इन्हें पहाड़ाँवाली कहा जाता है। पर्वतीय स्थानों पर दुर्गा के विभिन्न नामोंवाले धाम मिलते हैं जैसे कालका जो हरियाणा में है। कालका शिमला रेलमार्ग प्रसिद्ध है। कालका भी देवी दुर्गा का ही रूप है जो श्यामवर्णी है। इसी तरह कई जगह चण्डीदेवी के मंदिर होते हैं। चण्डिका रौद्ररूपधारिणी दुर्गा हैं जिनका वर्ण श्यामल है। इसी तरह दुर्गा का सबसे प्रसिद्ध रूप काली का है। इन्हें कालिका भी कहते हैं जिसका अपभ्रंश ही कालका है। स्पष्ट है कि श्यामला में काले वर्णवाली कालिका का भाव ही है।
भाषा वैज्ञानिक व्युत्पत्ति के हिसाब से डॉ रामविलास शर्मा शिमला के शिम में हिम देखते हैं। बर्फ़ के लिए कश्मीरी में शीन है जो हिमा का रूपान्तर ही है। उनका कहना है कि पूर्ववैदिक भाषाओं में हिम का रूप घिम था। स्लाव और केल्त भाषाओं के ध्वनिरूपों से तुलना करते हुए वे यह स्थापना देते हैं। लात्वियाई भाषा में हिम का एक रूप जीअँम है, लिथुआनी में यह झीअँम है। इसी तरह जब ज का अघोषीकरण हुआ तो पुरानी प्रशियाई में यह सॅमॉ हो जाता है। हिम का पूर्व रूप घिम है इसकी जानकारी इसके ग्रीक रूप खॅइम से होती है। सॅमॉ जैसे रूप से ही शिमला के शिम का विकास समझ में आता है। कश्मीरी में हिमभण्डार के लिए मॉन / मोनू शब्द भी है। संस्कृत में सर्दी के मौसम को हेमन्त कहा जाता है। यह हेम भी हिम् से ही आ रहा है। हेमन्त से त का लोप होकर पहाड़ी बोलियों में हिमन्, हेमन्, हिमान्, खिमान् जैसे रूप भी बनते हैं। सर्दी का, बर्फ़ीला या शीत सम्बन्धी अर्थों में इन शब्दों का प्रयोग होता है। स्पष्ट है कि हिमालय से हिमाल रूप तो हिमाचली और नेपाली में भी बनते हैं। हिमाल का शिमाल और फिर शिमला रूपान्तर दूर की कौड़ी नहीं है।
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प्रस्तुतकर्ता
अजित वडनेरकर
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1:12 PM
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god and saints,
नामपुराण,
स्थान
Sunday, December 12, 2010
या इलाही ये मचाया क्या है?
इस बार रविवारी पुस्तक चर्चा में हमने विलियम डब्ल्यू हंटर के प्रसिद्ध दस्तावेज को शामिल किया है। यह पुस्तक क़रीब डेढ़ साल पहले हमने पढ़ी। वरिष्ठ पत्रकार और हमारे मित्र विजय मनोहर तिवारी वृहत्तर भारत के भूगोल, समाज व संस्कृति को मिली इस्लाम की नेमतों की पड़ताल में लगे रहते हैं, सो हमने तय किया कि इसकी समीक्षा वे ही लिखेंगे। पेश है विलियम हंटर की क़लम से निकला भारतीय मुसलमान का लेखाजोखा। किताब- भारतीय मुसलमान प्रकाशक-प्रकाशन संस्थान, 4715/21, दयानंद मार्ग, दरियागंज, नईदिल्ली-110002 फोन- 01123253234/65283371 अनुवादक-नरेश नदीम...
विजय मनोहर तिवारी
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Friday, December 10, 2010
कुलचे की कुलाँचें
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Wednesday, December 8, 2010
तेल की बोतल से गंगाजली तक
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Monday, December 6, 2010
क़िबला की क़ाबिलियत और क़बीला
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Thursday, December 2, 2010
दूर की कौड़ी या कौड़ी की इज्ज़त…
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प्रस्तुतकर्ता
अजित वडनेरकर
10
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पर
3:02 AM
लेबल:
government,
nature,
तकनीक,
रहन-सहन








































