Thursday, September 25, 2008

फर्स्ट क्रश- कपिलदेव [बकलमखुद-72]

diu 137 ब्लाग दुनिया में एक खास बात पर मैने  गौर किया है। ज्यादातर  ब्लागरों ने अपने प्रोफाइल  पेज पर खुद के बारे में बहुत संक्षिप्त सी जानकारी दे रखी है। इसे देखते हुए मैं सफर पर एक पहल कर रहा हूं। शब्दों के सफर के हम जितने भी नियमित सहयात्री हैं, आइये , जानते हैं कुछ अलग सा एक दूसरे के बारे में। अब तक इस श्रंखला में आप अनिताकुमार, विमल वर्मा , लावण्या शाह, काकेश ,मीनाक्षी धन्वन्तरि ,शिवकुमार मिश्र , अफ़लातून ,बेजी, अरुण अरोरा , हर्षवर्धन त्रिपाठी , प्रभाकर पाण्डेय अभिषेक ओझा को पढ़ चुके हैं। बकलमखुद के तेरहवें पड़ाव और सत्तरवें सोपान पर मिलते हैं रंजना भाटिया से । कुछ मेरी कलम से  नामक ब्लाग चलाती हैं और लगभग आधा दर्जन ब्लागों पर लिखती हैं। साहित्य इनका व्यसन है। कविता लिखना शौक । इनसे हटकर एक ज़िंदगी जीतीं हैं अमृता प्रीतम के साथ...अपने ब्लाग  अमृता प्रीतम की कलम से  पर । आइये जानते हैं रंजना जी की कुछ अनकही-
रारतों भरे दिन बीत रहे थे | उन दिनों क्रिकेट का जोर बहुत था | जिसको देखो वही इसकी बात करता रहता था | शायद पहले वर्ल्ड कप की बात है यह .हर कोई कपिलदेव का दीवाना था | मुझे यूँ मैच देखने का कोई शौक नही था ,पर कपिल देव को देखे बगैर चैन नही पड़ता था :) आज की जनरेशन इसको फर्स्ट क्रश भी कह सकती है :) उस वक्त इन बातों की कोई अक्ल नही थी बस यह लगता था की कोई लड़की उसका नाम न ले :) सब हँसते थे मेरी इस बात पर ....कई महीनों तक उसका फितूर चढा रहा :) बाद में उसकी शादी जब भाटिया कास्ट की लड़की से ही हुई तो सबने बहुत तंग किया मुझे :) मैंने कहा आख़िर शादी तो उसने भाटिया से ही करी है न :) फ़िर वह फितूर उतर गया |
आर्मी का फितूर 
ब इसके बाद जो फितूर चढा वह आर्मी में शामिल होने का :) पहले पापा यहाँ दिल्ली केंट में और हिंडन आदि जगह पर पोस्टेड थे तो इतना आर्मी लाइफ के बारे में पता नही था | और उम्र भी इतनी नही थी कि सब समझ पाते ..पर जब जम्मू में उनको वो बॉर्डर एरिया मिले जहाँ परिवार को साथ नही रख सकते हैं ,पर कभी कभी हम वहां उनसे मिलने चले जाते थे | तभी आर्मी लाइफ को बहुत करीब से देखने का मौका भी मिला |
मुश्किल है फौजी की जिंदगी
तनी मुश्किल ज़िन्दगी में भी उन लोगों का मुस्कराता चेहरा और जोश देख कर एक प्रेरणा मिलती और १८ १९ साल कि उम्र वैसे भी सपनों कि दुनिया होती है ..कुछ पता नही होता कि आगे ज़िन्दगी न कहाँ ले जाना है ..बस सपने सजने लगते हैं और कुछ कर गुजरने का जोश ,कुछ बनने का जोश दिल में खूब उन्छाले मारने लगता है ...बस जब लगातार नौशेरा ,राजौरी .जैसे बॉर्डर से और पकिस्तान से लगती जगह देखती तो या तो या तो उस पार क्या है ? हमारे जैसी ही दुनिया है न वो ..फ़िर क्यूँ यहाँ इतना बिगडा हुआ माहौल रहता है ..यह देखने का ,जानने का जुनून चढ़ जाता या फ़िर किसी तरह से पापा मान जाए और कोई ऐसा आसान तरीका मिल जाए कि मैं भी इन फोजियों के साथ यहाँ कंधे से कंधे मिला कर यहाँ इस जगह खड़ी हो सकूँ यह बात दिल में आती | सच में सलाम है इन देश के बहादुर सिपाहियों को जो इतनी मुश्किलों का सामना हँसते हँसते करते हैं ..यहाँ बैठ कर बातें करना आसान है पर जिस तरह से वह और उनके परिवार वाले सब झेलते हैं वह ..सब के बस का काम नही है|
भूतों का शग़ल
ह समय कब बीता पता ही नही चला पर बहुत अच्छा बीता | हमारा शैतान ग्रुप जितने समय साथ रहा कुछ न कुछ शरारत लगातार जारी रहती | कालेज छोटी छोटी बात पर बंद हो जाया करता था | क्यूंकि वहां हालात तब भी यही थे जो आज हैं ...यानी की छोटी सी बात पर भी हड़ताल और बंद ... | जम्मू में जो घर था वहां आंटी [मकान मालकिन ] जब अच्छे मूड में होती तो अक्सर दूर बॉर्डर एरिया में पढने वाले गांव में भूतों के किस्से सुनाती | इन्ही दिनों में अपनी जासूसी का किस्सा भी मैंने काफ़ी विद कुछ में बताया था :) बहने उनकी बातों में आ जाती .भाई तो बहुत ही छोटा था , पर मैं उनकी इन भूत वाली बातों सुन सुन कर नित्य नई शरारतों को अंजाम देती थी | शुरू से बहुत सुबह उठ कर पढने की आदत थी उस से पहले नहाने की भी और आंटी जी भी जल्दी उठ जाती थी ,बस तभी कोई न कोई ऐसी बात कर देती थी .जैसे लम्बी चाद्दर ओढ़ के एक दम से उनके सामने सुबह ४ बजे आ जाना :) कभी बाथरूम की लाईट बंद खोल कर देना जब वह नहाने जाती आदि आदि मेरे डराने के उस वक्त उन्हें प्रिय शगल होते |  और वह किस्से फ़िर यूँ कहानी बना बना कर सुनाना की उन्हें विश्वास हो जाए की सच में कोई भूत ही था जो यह सब करता है |
रिश्ते की बात
स तरह देखते देखते फाइनल इयर भी आ गया अभी पेपर शुरू ही हुए थे कि पहला रिश्ता आ गया | राजीव मेरे  पतिदेव के मामा जी वही रहते थे.. उनका हमारे घर में अक्सर आना जाना था उन्होंने जब अपने भांजे के लिए पापा से मेरे रिश्ते की बात की तो पापा को जो अब तक मैं एक नन्ही सी शैतान बच्ची नज़र आती थी ,यह रिश्ता आते ही यकायक मैं उन्हें बहुत बड़ी नज़र आने लगी | सब सपने, सब जोश ,आर्मी का माहौल सब बदल गया | संयोग शायद इसी का नाम है और पेपर देते ही सगाई ही गई और अभी रिजल्ट भी नही आया था की शादी | सब एक सपने सा हुआ ....होश तब आया जब ससुराल पहुँची :)  जारी
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21 कमेंट्स:

अनुराग अन्वेषी said...

साथ में आपके कपिलदेव जी (राजीव जी) बहुत जंच रहे हैं। पढ़ना बढ़िया लग रहा है। तस्वीर देकर और भी अच्छा किया।
अनुराग

Nitish Raj said...

तस्वीर के कारण आपको पढ़ने में और भी अच्छा लग रहा है। वैसे आपने सही ही कहा है कि फौजियों की जिंदगी सच में बहुत ही दूभर होती है। और वैसे ही लड़की की जैसे कि चट बात पट सगाई और देखते देखते ब्याह। इंतजार में

अभिषेक ओझा said...

कपिलदेव की ही तरह राजीवजी की भी मूंछे तो हैं ही... और इसके अलावा कपिल में है ही क्या :-)
आपकी तो 'चट मंगनी पट व्याह' हो गया... होश सँभालने के बाद की बातों का इंतज़ार है अब तो.

खबरी! said...

दिलचस्प है...अगली किस्त का इंतजार रहेगा...

PD said...

फोटो इस लेख कि तरह ही जबरदस्त है.. :)

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav said...

रंजू जी को मिल गये कपिल देव राजीव
फोटो संग संग भा रही आलेखी तरकीब
आलेखी तरकीब कि बातें बहुत निराली
शुरू हुये तो अंत तलक एक दम पढ डाली
भाती होंगी मधुर शरारत बहुत सभी को
मिले कपिल राजीव, हमारी रंजू जी को

Parul said...

aap bhi kapidev ki fan ?...agli kadi ki prateekshaa

डॉ .अनुराग said...

कपिल देव .दा जवाब नही....आज भी हैंडसम दीखते है.....कल तो कर्नल भी बन गये.यानी दोनों मुराद पूरी आपकी... वैसे हम तो सोचते थे की आप को धरमेंदर पसंद होगे......फोटो ज़रा जारी रखियेगा....

Anil Pusadkar said...

अच्छा लगा आपको पढ कर ।इन्तज़ार रहेगा आगे भी पढाने क

loke said...

hello ranju ji bhut din ke baad aaya hu apke blog par iske liye sorry
vese aapke life se mey to aapke through hi ache se rubroo hua hu vo or ab yaha par pad kar to or bi acha sa lag raha hai kuch acha acha sa lag raha hai aap to mere liye celebraty ho gaye hpo
ye soch kar hi acha lagta hai ki aapne mujhe khud apni is amezing life ke baare mey bataya WOW.....
thanx or aapki picture bilkul kamal ki

कंचन सिंह चौहान said...

sach me Rajiv Ji ki Munchhe to Kapil Dev jaisi hi hai.n...! Aur ha.n Shadi ke jode me aap bahut sundar lag rahi hai.n..!

अशोक पाण्डेय said...

वाह वाह रामजी जोड़ी क्‍या बनायी, रंजू और राजीव को बधाई हो बधाई :)

mamta said...

आपकी लेखनी का तो जवाब नही पर फोटो लाजवाब है।

रंजना said...

बहुत बहुत अच्छा लगा आपकी आपबीती पढ़ना.और फोटो बाँट तो आपने एकदम पुण्य का काम किया है.
आपकी बातें पढ़, अपना भी गुजरा हुआ समय याद आ गया.सचमुच १४-१५ से १९-२० या यूँ कहें जबतक असल जिंदगी से वास्ता नही पड़ता आंखों में कितने बड़े बड़े स्वप्न पलते रहते हैं.लगता है सारी दुनिया बदल देना,विषमताओं को समाप्त कर देना अपने ही हाथ में है.

सुशील कुमार छौक्कर said...

आपकी एल्बम का ये दूसरा पन्ना भी सुन्दर लगा। आपके क्रश का पता चला। फोटो भी अच्छा लगा। अगले पन्ने का इंतजार फोटो सहित।

mahesh said...

testing of commet

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

प्रिय सौ. रजू जी,
आपका चित्र देखकर सुखद आस्चर्य हुआ ! :)
आपकी कला प्रतिभा तो देखी ही थी अब ये कडी पढकर और बहुत खुशी हुई !
लिखती रहीये ~~ हम भी हैँ सफर मेँ !!
आप व राजीव भाई को स्नेह,
- लावण्या

आलोक सिंह "साहिल" said...

waiting for next one.
it was cooollll.
ALOK SINGH "SAHIL"

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

shadi ki photo mast lag rahi hai... kapil babu to army mein aa hi gaye.. shayad unhe bhi aapki tarah army ka shauk raha ho..

sanjaygrover said...

पर kapil dev ने to आपका kahin जिक्र naheeN किया अपनी आत्म कथा men ?

Anonymous said...

Aatm kathaye..
Aksar karti hai mujhse prem..
Unko kahne ka main saahs karti hoon
Baar baar..
Par are man tujhe kah paoongi..
Is Jeevan main..
ye mumkin nahi lagta..

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